Vasant Panchami

Goddess Saraswati Devi

ಯಾ ಕುಂದೇಂದು ತುಷಾರಹಾರ ಧವಳಾ ಯಾ ಶುಭ್ರವಸ್ತ್ರಾವೃತಾ ಯಾ ವೀಣಾವರದಂಡಮಂಡಿತಕರಾ ಯಾ ಶ್ವೇತಪದ್ಮಾಸನಾ | ಯಾ ಬ್ರಹ್ಮಾಚ್ಯುತಶಂಕರಪ್ರಭೃತಿಭಿರ್ದೇವೈಸ್ಸದಾ ಪೂಜಿತಾ ಸಾ ಮಾಂ ಪಾತು ಸರಸ್ವತೀ ಭಗವತೀ ನಿಶ್ಶೇಷಜಾಡ್ಯಾಪಹಾ || ೧ ||

ದೋರ್ಭಿರ್ಯುಕ್ತಾ ಚತುರ್ಭಿಃ ಸ್ಫಟಿಕಮಣಿನಿಭೈರಕ್ಷಮಾಲಾಂದಧಾನಾ ಹಸ್ತೇನೈಕೇನ ಪದ್ಮಂ ಸಿತಮಪಿ ಚ ಶುಕಂ ಪುಸ್ತಕಂ ಚಾಪರೇಣ | ಭಾಸಾ ಕುಂದೇಂದುಶಂಖಸ್ಫಟಿಕಮಣಿನಿಭಾ ಭಾಸಮಾನಾಽಸಮಾನಾ ಸಾ ಮೇ ವಾಗ್ದೇವತೇಯಂ ನಿವಸತು ವದನೇ ಸರ್ವದಾ ಸುಪ್ರಸನ್ನಾ || ೨ ||

ಸುರಾಸುರೈಸ್ಸೇವಿತಪಾದಪಂಕಜಾ ಕರೇ ವಿರಾಜತ್ಕಮನೀಯಪುಸ್ತಕಾ | ವಿರಿಂಚಿಪತ್ನೀ ಕಮಲಾಸನಸ್ಥಿತಾ ಸರಸ್ವತೀ ನೃತ್ಯತು ವಾಚಿ ಮೇ ಸದಾ || ೩ ||

ಸರಸ್ವತೀ ಸರಸಿಜಕೇಸರಪ್ರಭಾ ತಪಸ್ವಿನೀ ಸಿತಕಮಲಾಸನಪ್ರಿಯಾ | ಘನಸ್ತನೀ ಕಮಲವಿಲೋಲಲೋಚನಾ ಮನಸ್ವಿನೀ ಭವತು ವರಪ್ರಸಾದಿನೀ || ೪ ||

Vasant Panchami, also spelled Basant Panchami, is a Hindu festival that heralds the arrival of spring. It is dedicated to Goddess Saraswati, the deity of knowledge, music, arts, science, and technology. Celebrated on the fifth day of the Hindu lunar month of Magha, devotees worship Saraswati by offering prayers, wearing yellow clothes, and flying kites. The festival symbolizes the renewal of life and the pursuit of wisdom.

या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना। या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा ॥1॥

शुक्लां ब्रह्मविचार सार परमामाद्यां जगद्व्यापिनीं वीणा-पुस्तक-धारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम्‌। हस्ते स्फटिकमालिकां विदधतीं पद्मासने संस्थिताम्‌ वन्दे तां परमेश्वरीं भगवतीं बुद्धिप्रदां शारदाम्‌॥2॥

इन शब्‍दों का अर्थ है क‍ि जो विद्या की देवी भगवती सरस्वती कुन्द के फूल, चंद्रमा, हिमराशि और मोती के हार की तरह धवल वर्ण की हैं और जो श्वेत वस्त्र धारण करती हैं, जिनके हाथ में वीणा-दण्ड शोभायमान है, जिन्होंने श्वेत कमलों पर आसन ग्रहण किया है तथा ब्रह्मा, विष्णु एवं शंकर आदि देवताओं द्वारा जो सदा पूजित हैं, वही संपूर्ण जड़ता और अज्ञान को दूर कर देने वाली मां सरस्वती हमारी रक्षा करें शुक्लवर्ण वाली, संपूर्ण चराचर जगत्‌ में व्याप्त, आदिशक्ति, परब्रह्म के विषय में किए गए विचार एवं चिंतन के सार रूप परम उत्कर्ष को धारण करने वाली, सभी भयों से भयदान देने वाली, अज्ञान के अंधेरे को मिटाने वाली, हाथों में वीणा, पुस्तक और स्फटिक की माला धारण करने वाली और पद्मासन पर विराजमान बुद्धि प्रदान करने वाली, सर्वोच्च ऐश्वर्य से अलंकृत, भगवती शारदा (सरस्वती देवी) की मैं वंदना करता या करती हूं।

May Goddess Saraswati bless you with knowledge and creativity on this auspicious day!